Nathuram Godse
नाथूराम विनायक गोडसे एक हिन्दू राष्ट्रवादी थे, जो मुख्य रूप से हिन्दू महासभा जैसे राजनीतिक दल से जुड़ थे और पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी रह चुके थे। उनका जन्म 19 मई 1910 को हुआ था और वे अपने गुरु विनायक दामोदर सावरकर द्वारा प्रतिपादित ‘हिन्दुत्व’ की विचारधारा के प्रबल समर्थक और प्रचारक थे, जिसके लिए उन्होने मराठी मे अग्रणी’ और ‘हिन्दू राष्ट्र’ जैसे समाचार पत्रो का संचालन भी किया। नाथूराम गोडसे को भारतीय इतिहास मे 30 जनवरी साल 1948 को महात्मा गाँधी की हत्या करने के लिए जाना जाता है। इस कृत्य के लिए उन्हे दोषी ठहराया गया और 15 नवंबर साल 1949 को फांसी दे दी गई, जिसने भारतीय राजनीति और इतिहास पर एक गहरा और विवादास्पद प्रभाव छोड़ा। अदालत मे उनके बयान पर आधारित ”मैने गाँधी को क्यो मारा“ इस पुस्तक को अंतिमरूप गोपाल गोडसे ने दिया।
